ये जिंदगी है कांच सी कही चटक ना जाए रे !
संभल संभल के मनवा संभल के रहना रे !
कही चटक चटक के बिखर ना जाए रे !
एक बार बिखर गयी तो ये जुड़ नही पाए रे !!
ये जिंदगी एक भूल भुलैया है ये जिंदगी एक भूल भुलैया ,
इस भूल भुलैया में रह काही भटक ना जाए रे !
संभल संभल के संभल मनवा राह संभल के चुन रे !
ऐसी राह चलना रे जो मंजिल तक ले जाए रे !!
ये जिंदगी एक हवा का झोंका है रुख बदल ना जाए रे !
संभल संभल के संभल के मनवा तू बस एक घाँस का तिनका ,
ये कही उड़ा ना ले जाए जमी पकड़ के रहना रे !
ये झोंका कहाँ से कहाँ ले जाए रे !!
ये जिंदगी एक गम का दरिया है सुख के मोती भी मिलते है !
एक बार जो मिल गए ये जिंदगी खुशियों से भर जाए रे ,
संभल संभल के संभल के मनवा डुबकी संभल के लगा !
ये जिंदगी कही गम में ना डूब जाए रे !!
ये जिंदगी एक पानी का बुलबुला ये जाने कब खत्म हो जाए !
संभल संभल के संभल के मनवा पल का ना भरोसा ,
एक एक धड़कन का भी वहाँ हिसाब रहता है !
ये धड़कन जब तक चले सभी से मिलकर रहना रे !!
Thursday, November 20, 2008
रिश्तों की तलाश
कहीं ना कहीं तो रिश्तों में बनी हुई मिठास है !
इसलिए ही तो रिश्तों में बना हुआ विश्वास है !
वरना रिश्तों में बंधन से उठ जाता विश्वास है !
रिश्तों में प्राण फुकता प्यार है !!
रिश्तों की ताकत ही विश्वास है !
मीठी मीठी बोली और मधुर मधुर व्यवहार है !
रिश्तों में चलती साँस है !
कही ना कही तो इंसान में इंसानियत है !!
और प्यार मोहाबत की बात है !
तब ही तो दिल दिल के आस पास है !
दूर दूर से मिलने को आते है !
रिश्तो में कोई खुशबू ही ऐसी खास है !!
छल कपट ना चलता है रिश्तों में ,
वो रिश्ता ही क्या रिश्ता है जिसमे !
नफरत की चुभी फंस है ,
स्वार्थ से रिश्ते नही चलते है !!
झूठ जहाँ आ जाता है रिश्तों में बनती गांठ है !
एक बार टूट गयी डोर जो लाख जतन करो ,
जुड़ नही पाती है बंधती है उसमे गांठ है !
द्वेष इर्ष्या आ गयी रिश्तों में समझो दूध में पड़ गयी छाज है !
वो रिश्ता ही रिश्ता नही जिसमे पड़ी खटास है !!
रिश्ता ही वो रिश्ता है जिसमे प्रेम और अनुराग है !
रिश्तो के दो छोर सहयोग और सोहार्द है !
ख़ुद ही ख़ुद में खो गए है लोग ,
किसी को किसी की ना आस है !
इसलिए तो मधुर मधुर रिश्तों की ,
सब को ही आज तलाश है !!
इसलिए ही तो रिश्तों में बना हुआ विश्वास है !
वरना रिश्तों में बंधन से उठ जाता विश्वास है !
रिश्तों में प्राण फुकता प्यार है !!
रिश्तों की ताकत ही विश्वास है !
मीठी मीठी बोली और मधुर मधुर व्यवहार है !
रिश्तों में चलती साँस है !
कही ना कही तो इंसान में इंसानियत है !!
और प्यार मोहाबत की बात है !
तब ही तो दिल दिल के आस पास है !
दूर दूर से मिलने को आते है !
रिश्तो में कोई खुशबू ही ऐसी खास है !!
छल कपट ना चलता है रिश्तों में ,
वो रिश्ता ही क्या रिश्ता है जिसमे !
नफरत की चुभी फंस है ,
स्वार्थ से रिश्ते नही चलते है !!
झूठ जहाँ आ जाता है रिश्तों में बनती गांठ है !
एक बार टूट गयी डोर जो लाख जतन करो ,
जुड़ नही पाती है बंधती है उसमे गांठ है !
द्वेष इर्ष्या आ गयी रिश्तों में समझो दूध में पड़ गयी छाज है !
वो रिश्ता ही रिश्ता नही जिसमे पड़ी खटास है !!
रिश्ता ही वो रिश्ता है जिसमे प्रेम और अनुराग है !
रिश्तो के दो छोर सहयोग और सोहार्द है !
ख़ुद ही ख़ुद में खो गए है लोग ,
किसी को किसी की ना आस है !
इसलिए तो मधुर मधुर रिश्तों की ,
सब को ही आज तलाश है !!
फ़िर कोयल कुह कुह कुह्केगी
हम बदलेंगे सब कुछ बदलेगा नयी बहार बहायेंगे !
नया साज ले नयी राग ले कोई नया तराना गायेंगे !
नया जोश ले नया रूप ले भारत नया बनायेंगे !
हर तरफ़ खुशहाली की खुशबू हम बिखराएंगे !!
अपने ऋम मेहनत से हम बंजर को खेत बनायेंगे !
अपने खून पसीने से सिचेंगे खेत जहाँ लहलहाएंगे !
इस धरती के बेटे है हम इस धरती को स्वर्ग बनायेंगे !
कोई रहेगा अब ना भूखा इतना अन्न उगायेंगे !!
बूंद बूंद जल संग्रह करके कल कल धार बहायेंगे !
सुखे ताल तलैया नदिया फ़िर जल से भर जायेंगे !
हर तरफ़ हरियाली होगी इतने वृक्ष उगायेंगे !
कोई रहेगा आब ना प्यासा सबकी प्यास बुझाएंगे !!
फ़िर कोयल कुह कुह कुह्केगी मोर नाच दिखायेंगे !
डाल डाल पर पंछी चहकेंगे जंगल में मंगल होगा !
बुल बुल चिडियाँ तोता मैना फ़िर से शोर मचाएंगे !
नीले नीले नील गगन पर उड़ उड़ रंग बिखराएंगे !!
आपस में सब भेद भुला के संगठन शक्ति बनायेंगे !
विश्व बंधू भावना दिल में जगाकर हम परचम फहराएंगे !
विध्वंशो की राह छोड़कर सर्जन ही अपनाएंगे !
शान्ति अहिंसा के मूलमंत्र को जन जन तक पहुचायेंगे !!
शिक्षा का संदेश ले हम घर घर तक जन जनता पहुचायेंगे !
कोई रहेगा ना अनपडृ निर्धन ऐसा जतन लगायेंगे !
सबका अपनी हो जमी असमा कोई ऐसा न्याय बनायेंगे !
राष्ट्र भक्ति और देश प्रेम से ओत प्रोत हो वतन पे मर मिट जायेंगे !!
नया साज ले नयी राग ले कोई नया तराना गायेंगे !
नया जोश ले नया रूप ले भारत नया बनायेंगे !
हर तरफ़ खुशहाली की खुशबू हम बिखराएंगे !!
अपने ऋम मेहनत से हम बंजर को खेत बनायेंगे !
अपने खून पसीने से सिचेंगे खेत जहाँ लहलहाएंगे !
इस धरती के बेटे है हम इस धरती को स्वर्ग बनायेंगे !
कोई रहेगा अब ना भूखा इतना अन्न उगायेंगे !!
बूंद बूंद जल संग्रह करके कल कल धार बहायेंगे !
सुखे ताल तलैया नदिया फ़िर जल से भर जायेंगे !
हर तरफ़ हरियाली होगी इतने वृक्ष उगायेंगे !
कोई रहेगा आब ना प्यासा सबकी प्यास बुझाएंगे !!
फ़िर कोयल कुह कुह कुह्केगी मोर नाच दिखायेंगे !
डाल डाल पर पंछी चहकेंगे जंगल में मंगल होगा !
बुल बुल चिडियाँ तोता मैना फ़िर से शोर मचाएंगे !
नीले नीले नील गगन पर उड़ उड़ रंग बिखराएंगे !!
आपस में सब भेद भुला के संगठन शक्ति बनायेंगे !
विश्व बंधू भावना दिल में जगाकर हम परचम फहराएंगे !
विध्वंशो की राह छोड़कर सर्जन ही अपनाएंगे !
शान्ति अहिंसा के मूलमंत्र को जन जन तक पहुचायेंगे !!
शिक्षा का संदेश ले हम घर घर तक जन जनता पहुचायेंगे !
कोई रहेगा ना अनपडृ निर्धन ऐसा जतन लगायेंगे !
सबका अपनी हो जमी असमा कोई ऐसा न्याय बनायेंगे !
राष्ट्र भक्ति और देश प्रेम से ओत प्रोत हो वतन पे मर मिट जायेंगे !!
गुजरे जो दौर गम के
पतझर सी जिंदगी है राहे है सूनी सूनी !
खुशियाँ दूर हमसे जैसे डाली से दूर पाती !!
बिखरा है रंग गुलाबी डाली है खाली खाली !
पतझर का पलाश हूँ में जिंदगी है खाली खाली !!
दिवानो की तरह राहे दर दर भटक रहे है !
परवानो की तरह शमा में रह रह के जल रहे है !!
तनहाईयों में कटती राते करवटे बदल बदल कर !
रह रह के आंहे भरते तकिया मसल मसल कर !!
तनहा ये जिंदगी है जमाना भी बेरहम है !
मोहब्बत को मार डाला रस्मो की दे कसम है !!
दिल में है जख्म गहरे आँखों में बस उदासी !
साहिल पे हम खड़े है हर चाहत रही है प्यासी !!
खाली पैमाने की तरह लुडकते जिंदगी मय खाने सी हो गयी है !
कैसे भुलाये गम को पास मय नही ना साकी है !!
स्याही में दिल डूबा है हाथो में बस कलम है !
कैसे लिख दे गीत खुशियाँ जब गुजरे जो दौर गम के !!
खुशियाँ दूर हमसे जैसे डाली से दूर पाती !!
बिखरा है रंग गुलाबी डाली है खाली खाली !
पतझर का पलाश हूँ में जिंदगी है खाली खाली !!
दिवानो की तरह राहे दर दर भटक रहे है !
परवानो की तरह शमा में रह रह के जल रहे है !!
तनहाईयों में कटती राते करवटे बदल बदल कर !
रह रह के आंहे भरते तकिया मसल मसल कर !!
तनहा ये जिंदगी है जमाना भी बेरहम है !
मोहब्बत को मार डाला रस्मो की दे कसम है !!
दिल में है जख्म गहरे आँखों में बस उदासी !
साहिल पे हम खड़े है हर चाहत रही है प्यासी !!
खाली पैमाने की तरह लुडकते जिंदगी मय खाने सी हो गयी है !
कैसे भुलाये गम को पास मय नही ना साकी है !!
स्याही में दिल डूबा है हाथो में बस कलम है !
कैसे लिख दे गीत खुशियाँ जब गुजरे जो दौर गम के !!
चलना तेज है
तेज है रफ्तार ज़माने की ,
चलना तेज है चलना तेज है !
एक कदम आगे एक कदम आगे ,
संभल के हर एक कदम चलना तेज है !
मुश्किलें आयेंगी राहों में मुश्किलें,
मुश्किलें करना है आसान चलना तेज है !
चलना तेज हर एक कदम चलना तेज है !!
तुफाँ रोकेंगे राहे सीना तान के ,
रुख बदलना है तुफाँ का चलना तेज है !
संभल के हर एक कदम चलना तेज है !!
मौत मिलेगी कदम कदम पे मौत है !
मौत से भी लड़ना होगा चलना तेज है !
एक कदम आगे संभल के कदम चलना तेज है !!
पर्वत आयेंगे राहे रोकेंगे ,
राहे गाड़ना है चट्टाने तोड़ के चलना तेज है !
एक कदम आगे संभल के एक कदम आगे चलना तेज है !!
हौसले देना है कदमो को हौसले ,
हौसले देंगे मन विश्वास चलना तेज है !!
चलना तेज है चलना तेज है !
एक कदम आगे एक कदम आगे ,
संभल के हर एक कदम चलना तेज है !
मुश्किलें आयेंगी राहों में मुश्किलें,
मुश्किलें करना है आसान चलना तेज है !
चलना तेज हर एक कदम चलना तेज है !!
तुफाँ रोकेंगे राहे सीना तान के ,
रुख बदलना है तुफाँ का चलना तेज है !
संभल के हर एक कदम चलना तेज है !!
मौत मिलेगी कदम कदम पे मौत है !
मौत से भी लड़ना होगा चलना तेज है !
एक कदम आगे संभल के कदम चलना तेज है !!
पर्वत आयेंगे राहे रोकेंगे ,
राहे गाड़ना है चट्टाने तोड़ के चलना तेज है !
एक कदम आगे संभल के एक कदम आगे चलना तेज है !!
हौसले देना है कदमो को हौसले ,
हौसले देंगे मन विश्वास चलना तेज है !!
प्यार की खुशबू
नफरत से नफरत बड़ती है ,
नफरत ख़त्म होना चाहिए !
हम आदमी है आदमी को ,
आदमी से बस प्यार होना चाहिए !
जिस दिल में गर प्यार नही ,
वो पत्थर है इंसान नही !
पत्थर को पिघलादे ,
ऐसा प्यार दिल में चाहिए !
नफरत काटो प्यार बांटो ,
जिससे मिलो दिल से मिलना चाहिए !
नफरत के शुलो को ,
अपने दिल से हटाना चाहिए !
गर जिंदगी में प्यार हो तो जिंदगी का है मजा ,
जिंदगी में प्यार नही तो जिंदगी एक सजा !
जिंदगी में चाहते हो खुशियाँ ही खुशियाँ ,
जिंदगी को प्यार की खुशबू से सजाना चाहिए !
नफरत ख़त्म होना चाहिए !
हम आदमी है आदमी को ,
आदमी से बस प्यार होना चाहिए !
जिस दिल में गर प्यार नही ,
वो पत्थर है इंसान नही !
पत्थर को पिघलादे ,
ऐसा प्यार दिल में चाहिए !
नफरत काटो प्यार बांटो ,
जिससे मिलो दिल से मिलना चाहिए !
नफरत के शुलो को ,
अपने दिल से हटाना चाहिए !
गर जिंदगी में प्यार हो तो जिंदगी का है मजा ,
जिंदगी में प्यार नही तो जिंदगी एक सजा !
जिंदगी में चाहते हो खुशियाँ ही खुशियाँ ,
जिंदगी को प्यार की खुशबू से सजाना चाहिए !
इक्कीसवी सदी आ गयी है
किसी को किसीसे मोहब्बत नही है !
किसी को किसी की चाहत नही है !
रिश्तो में कैसी दरार आ गयी है !
शायद दिलो से मोहब्बत फरार हो गयी है !!
मतलब की दुनिया में नफरत पली है !
होठो पे मीठी बाते मगर दिल में छुरी है !
किसपे कैसे कैसा भरोसा करे हम ,
भरोसे के पीछे दगा जो छिपी है !
दोहरे चहरे की तरकीब सभी को रास आ गयी है !!
सच्चाई कही पे दफ़न हो गयी है !
झूठ पे देखो चमक छा रही है !
मर्यादा सारी बदल सी गयी है !
टी वी पे नग्नता की बहार छा रही है!!
बुडी पीड़ी को देखो यारों चने चबा रही है !
युवा पीड़ी को देखो नशे में डूबी जा रही है !
किसी को किसीपे रहम ही नही है !
लगता है साडी दुनिया ही बेरहम हो गयी है!!
सत्ता के लिए देखो यहाँ वहा जंगे छिडी है !
बारूदी इरादे लिए दुनिया आमने सामने आ खड़ी है !
भौतिकता की दौड़ में ये दुनिया ना जाने कहा जा रही है !
नैतिकता के हुए पतन में इक्कीसवी सदी आ गयी है !!
किसी को किसी की चाहत नही है !
रिश्तो में कैसी दरार आ गयी है !
शायद दिलो से मोहब्बत फरार हो गयी है !!
मतलब की दुनिया में नफरत पली है !
होठो पे मीठी बाते मगर दिल में छुरी है !
किसपे कैसे कैसा भरोसा करे हम ,
भरोसे के पीछे दगा जो छिपी है !
दोहरे चहरे की तरकीब सभी को रास आ गयी है !!
सच्चाई कही पे दफ़न हो गयी है !
झूठ पे देखो चमक छा रही है !
मर्यादा सारी बदल सी गयी है !
टी वी पे नग्नता की बहार छा रही है!!
बुडी पीड़ी को देखो यारों चने चबा रही है !
युवा पीड़ी को देखो नशे में डूबी जा रही है !
किसी को किसीपे रहम ही नही है !
लगता है साडी दुनिया ही बेरहम हो गयी है!!
सत्ता के लिए देखो यहाँ वहा जंगे छिडी है !
बारूदी इरादे लिए दुनिया आमने सामने आ खड़ी है !
भौतिकता की दौड़ में ये दुनिया ना जाने कहा जा रही है !
नैतिकता के हुए पतन में इक्कीसवी सदी आ गयी है !!
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